अवधूत देवदास सेवा संस्थान बना श्रद्धालुओं का संबल

कोलकाता न्यूज़ :मोक्षदायिनी गंगा के पावन तट पर इस वर्ष भी आस्था और सेवा का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। अवधूत देवदास सेवा संस्थान द्वारा आयोजित विशाल सेवा शिविर में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प अनवरत जारी है।अवधूत लक्ष्मी नारायण जी के पावन सानिध्य में संचालित इस शिविर की विशेषता यहाँ का 'भक्तिमय परिवेश' है। जहाँ एक ओर श्रद्धालु भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि में सराबोर होकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संस्थान के स्वयंसेवक पूर्ण पवित्रता और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में जुटे हैं।गौरतलब है कि सेवा का यह कारवां वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं के लिए रहने, भोजन और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं का उत्कृष्ट प्रबंधन किया गया है।गंगासागर के पावन तट पर अवधूत देवदास सेवा संस्थान का यह सेवा संकल्प केवल मानवीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्थान के उस मूल दर्शन को चरितार्थ करता है जिसमें माना गया है कि 'ऊर्जा ही शक्ति है, शक्ति ही ब्रह्म है और ब्रह्म ही अखंड है।' इसी अखंड चेतना को आधार मानकर, अवधूत लक्ष्मी नारायण जी के सानिध्य में स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर रहे हैं। 2019 से अनवरत चल रहा सेवा का यह आध्यात्मिक सफर आज भक्ति और शक्ति के अद्भुत संगम के रूप में हज़ारों श्रद्धालुओं के जीवन को आलोकित कर रहा है।

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